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Chapter 10: ओजोन विघटन का संकट

Balbharati solutions for Hindi – Yuvakbharati 12th Standard HSC Maharashtra State Board chapter 10 – ओजोन विघटन का संकट [Latest edition]

आकलन | Q 1 | Page 55

लिखिए :

ओजोन गैस की विशेषताएँ :

(१) __________________

(२) __________________

Solution: 

(१) ओजोन गैस नीले रंग की होती है।

(२) यह प्रकृति में तीक्ष्ण और विषैली होती है और मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती है।

 शब्द संपदा | Q 1 | Page 55

कृदंत बनाइए :

कहना – ______

Solution: 

कहना – कथन

शब्द संपदा | Q 2 | Page 55

कृदंत बनाइए :

बैठना – ______

Solution

बैठना – बैठक

शब्द संपदा | Q 3 | Page 55

कृदंत बनाइए :

लगना – ______

Solution: 

लगना – लगाव

अभिव्यक्त | Q 2 | Page 55

‘पर्यावरण रक्षा मेंहमारा योगदान’, इस विषय पर लिखिए ।

Solution: 

आज पूरी दुनिया पर्यावरण प्रदूषण से पीड़ित है। पर्यावरण प्रदूषण अर्थात हवा में ऐसी अवांछित गैसों, धूल के कणों आदि की उपस्थिति, जो लोगों तथा प्रकृति दोनों के लिए खतरे का कारण बन जाए। वायु प्रदूषण का एक बड़ा कारण है औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला धुआँ तथा रसायन। पर्यावरण की रक्षा में अपना योगदान देते हुए हमें प्लास्टिक का प्रयोग कम-से-कम करना चाहिए। रिसाइकल किए जा सकने वाली चीजों को फेंक नहीं देना चाहिए। जैसे अखबार, कागज, गत्ते, काँच आदि। पेट्रोल, डीजल आदि के उपयोग में कमी करनी चाहिए। पर्यावरण की रक्षा करना हम सबका कर्तव्य है। पर्यावरण है तो हमारा जीवन है।

पाठ पर आधारित लघूत्तरी प्रश् | Q 1 | Page 55

ओजोन विघटन संकट सेबचनेके लिए किए गए अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों को संक्षेप में लिखिए।

Solution

ओजोन विघटन संकट पर विचार करने के लिए अनेक देशों की पहली बैठक 1985 में विमान में हुई। बाद में सितंबर 1987 में कनाडा के मांट्रियल शहर में बैठक हुई, जिसमें दुनिया के 48 देशों ने भाग लिया था। इसके तहत यह प्रावधान रखा गया कि 1995 तक सभी देश सी एफ सी की खपत में 50 प्रतिशत की कटौती तथा 1997 तक 85 प्रतिशत की कटौती करेंगे। सन 2010 तक सभी देश सी एफ सी का इस्तेमाल एकदम बंद कर देंगे। इस दौरान विकसित देश नए प्रशीतकों की खोज में विकासशील देशों की आर्थिक मदद करेंगे।

पाठ पर आधारित लघूत्तरी प्रश् | Q 2 | Page 55

‘क्लोरो फ्लोरो कार्बन (सी.एफ.सी.) नामक याैगिक की खोज प्रशीतन केक्षेत्र में क्रांतिकारी उपलब्धि रही ।’ स्पष्ट कीजिए।

Solution

सन 1930 से पहले प्रशीतन के लिए अमोनिया और सल्फर डाइऑक्साइड गैसों का इस्तेमाल किया जाता था, जो अत्यंत तीक्ष्ण होने के कारण मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक थीं। तीस के दशक में क्लोरो फ्लोरो कार्बन (सी. एफ. सी.) नामक यौगिक की खोज प्रशीतन के क्षेत्र में क्रांतिकारी उपलब्धि रही। ये रसायन रंगहीन, गंधहीन, अक्रियाशील होने के साथ ही ज्वलनशील होने के कारण आदर्श प्रशीतक माने गए। परिणामस्वरूप बड़े पैमाने पर सी एफ सी यौगिकों का उत्पादन होने लगा और घरेलू कीटनाशक, प्रसाधन सामग्री, दवाएँ, रंग-रोगन, यहाँ तक कि रेफ्रीजिरेटर और एयरकंडिशनर में इनका खूब इस्तेमाल होने लगा।

Q.1 / pg no 56

Solution: 

(१) एकांकी :

(अ) रीढ़ की हड्डी

(ब) महाभारत की साँझ

(२) नाटक :

(अ) ध्रुवस्वामिनी

(ब) अंधेर नगरी

(३) आत्मकथा :

(अ) सत्य के प्रयोग

(ब) तरुण के स्वप्न

(४) खंडकाव्य :

(अ) उर्वशी

(ब) राम की शक्तिपूजा

(५) महाकाव्य :

(अ) रामचरित मानस

(ब) कामायनी

(६) उपन्यास :

(अ) गोदान

(ब) सुनीता

(७) कविता संग्रह :

(अ) यामा

(ब) कितनी नावों में कितनी बार

(८) यात्रा वर्णन :

(अ) मेरी तिब्बत यात्रा

(ब) पैरों में पंख बाँधकर

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